देश के कुछ राज्यों में भाजपा की सरकारों द्वारा जो बुलडोजर चलाने की प्रथा शुरू की गई है। उसे जम्मू-कश्मीर में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में लोगों को बुलडोजर से उन्हें बर्बाद नहीं किया जा सकता है। सरकार को अपने इस फैसले पर रोक लगानी ही होगी। उक्त बातें किसान तहरीक द्वारा कठुआ में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक व कामरेड युसुफ तारिगामी ने कहीं। वहीं इस मौके पर जमा सैकड़ो किसानों ने उनसे जमीन वापस लिए जाने के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया।
तारिगामी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि यहां के लोगों के हक छीने गए हैं। लद्दाख में भी आज वहां के लोग धरने पर हैं। उन्हें भी लगा है कि उनके अधिकार उन्हें नहीं दिए गए। दो टूक कहा कि जमीन हमारी अधिकार हमारा ही रहेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाए जाने के नाम पर गरीब जनता को उसकी जमीन और मकान से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इस तरह की तानाशाही के खिलाफ हम लोग आंदोलन करेंगे, चुप नहीं रहेंगे।
उन्होंने सरकार के बजट पर रोष जताते हुए कहांकि सरकार ने गत दिवस जो बजट पास किया है उसमें किसानों की फसल का दाम बढ़ाने पर गौर नही किया गया है। किसानों को खाद, बीज, और कीटनाशकों पर छूट देने का जिक्र भी नही किया गया। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों के उत्थान करने के लिए भी बजट में कुछ नही है। ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों आदिवासियों को रोटी देने में मदद देने वाली मनरेगा को भी सीमित कर दिया गया। आज भी देश की चालीस प्रतिशत संपदा का उपयोग केवल यहां के एक प्रतिशत आबादी के पास ही बना हुआ है। जबकि किसान, मजदूर, छोटे कारोबारी और मध्यम वर्ग को तीन प्रतिशत बजट में दिया जा रहा है।
सरकार अगर आम लोगों का मर्दन बंद नही किया तो आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ लोग सड़क पर उतरेंगे। प्रदर्शन में किशोर कुमार प्रातीय प्रधान किसान तहरीक, सेवा राम प्रातीय उपाध्यक्ष किसान तहरीक, बाबा राम कोषाध्यक्ष किसान तहरीक, निशांत काजी, बनारसी दास, रुकुमदीन, हरि सिंह, मनोहर लाल, सरदारी लाल, हंस राज, बलवंत सिंह आदि किसान नेता उपस्थित रहे।