- वर्ष 2018 का है मामला, पुलिस ने आरोपी को 1.4 किलो चूरा पोस्त समेत पकड़े का किया था दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। रामगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़े एनडीपीएस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद शर्मा की अदालत ने आरोपी सुखजीत सिंह उर्फ बिल्ला को बरी कर दिया। अदालत ने फैसले में कहा कि पुलिस जांच में कई गंभीर कानूनी और प्रक्रियात्मक खामियां पाई गईं हैं। इससे अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।
यह मामला वर्ष 2018 से संबंधित था। पुलिस ने चार फरवरी 2018 को चक सलारियां इलाके में गश्त के दौरान आरोपी के पास से 1.4 किलो चूरा पोस्त बरामद करने का दावा किया था। अदालत ने पाया कि मौके पर सीएफएसएल-एफएसएल फॉर्म नहीं भरा गया। सैंपल सील करने में इस्तेमाल की गई सील को अदालत में पेश नहीं किया गया और यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि सील किस पुलिसकर्मी के पास थी। अदालत ने यह भी माना कि कथित बरामदगी आबादी वाले क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई जहां आम लोग मौजूद थे। इसके बावजूद किसी भी स्वतंत्र नागरिक को गवाह नहीं बनाया गया और न ही फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करवाई गई। मालखाना रजिस्टर या सुरक्षित कस्टडी से जुड़े दस्तावेज भी अदालत में पेश नहीं किए गए जिससे जब्त नशीले पदार्थ की चेन ऑफ कस्टडी संदिग्ध हो गई। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि नशीला पदार्थ वास्तव में आरोपी के कब्जे से ही बरामद हुआ था। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया तथा जमानत और मुचलके समाप्त करने के आदेश दिए।