जम्मू। रोशनी एक्ट की आड़ में सरकारी भूमि से जुड़े घोटाले की जांच सीबीआई को देने की याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। अंकुर शर्मा बनाम स्टेट आफ जम्मू-कश्मीर मामले में हाईकोर्ट ने 18 मार्च 2020 से सुनवाई की तारीख तय कर दी है। वहीं, कोर्ट ने केंद्र से भी राय जानी है कि क्या रोशनी एक्ट जैसा कोई कानून केंद्र सरकार की ओर से बनाया गया है या नहीं। इसे लेकर संबंधित अथॉरिटी जवाब दाखिल करेगी।
इस मामले में याची अंकुर शर्मा ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा था कि रोशनी घोटाले से सरकार को 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लिहाजा इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वीरवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने पाया कि 20 फरवरी 2020 को कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए थे। इन पर अमल नहीं किया गया है। खंडपीठ ने कहा कि राजस्व, सूचना एवं प्रसारण विभागों के आयुक्त सचिवों के अलावा जिला उपायुक्त जम्मू को अवैध कब्जोें के अधीन भूमि की कीमत का आकलन करना होगा। इसमें शहरी, ग्रामीण, वन समेत अन्य किस्मों में आने वाली भूमि का अलग से ब्योरा देना होगा। कोर्ट ने कहा कि जम्मू में 659 एकड़ सरकारी एवं वन भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में पर हुई अवैध इंट्री का मामला भी अदालत के संज्ञान में है। कोर्ट ने जिला उपायुक्त जम्मू को निर्देश जारी कर कहा कि रिकॉर्ड में कितने लोगाें की अवैध एंट्री हुई और इससे जुड़े कौन से अफसर जिम्मेवार हैं, इस पर आधारित रिपोर्ट कोर्ट को सौंपें।