- अदालत ने कहा, आदेश कानूनी खामियों से भरा और असंवैधानिक
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कठुआ जिले के ओजीडब्ल्यू होने के एक आरोपी की जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत की गई नजरबंदी को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट का आदेश गंभीर कानूनी खामियों से भरा हुआ था और इसमें संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन हुआ है। यह मामला बिलावर तहसील के गली सडोत्रा गांव निवासी शम्स दीन से जुड़ा है जिसकी नजरबंदी 13 फरवरी, 2025 को जिला मजिस्ट्रेट कठुआ ने की थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि आदेश अस्पष्ट डीडीआर प्रविष्टियों और रोकथाम संबंधी कार्यवाहियों पर आधारित था, जिनसे कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी। साथ ही नजरबंदी के आधार पुलिस डोजियर की हूबहू नकल थे और बंदी को यह अधिकार भी नहीं बताया गया कि वह हिरासत प्राधिकारी के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। जेएनएफ