- कैट का फैसला - इसके लिए परिवार का आर्थिक रूप से कमजोर होना जरूरी
- 1997 में जलशक्ति विभाग के मृतक कर्मचारी के बेटे को नौकरी देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारी के निधन के समय उत्तराधिकारी नाबालिग है, तो वयस्क होने के बाद वह अनुकंपा नियुक्ति का हकदार होगा। हालांकि इसके लिए मृतक कर्मी के परिवार का आर्थिक रूप से कमजोर होना जरूरी है। इसी के साथ कैट ने 1997 में जलशक्ति विभाग के कर्मचारी के बेटे को तीन महीने के भीतर नौकरी देने का आदेश दिया है।
कठुआ जिले के हीरानगर निवासी सनी कुमार ने साल 2022 में कैट में एक आवेदन दायर किया था। इसमें सनी ने बताया कि उसके पिता जल शक्ति विभाग में टर्नर के रूप में कार्यरत थे, जिनकी 19 फरवरी 1997 को मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के समय वह नाबालिग था, इसलिए उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया। वयस्क होने के बाद उसने दसवीं और आईटीआई की पढ़ाई की और अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। सारी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी विभाग ने उसे नियुक्ति नहीं दी। जिसपर उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला करते हुए नियुक्ति देने का आदेश दिया। इसके बाद भी विभाग ने उसे नियुक्ति नहीं दी। जिसपर सनी ने कैट में आवेदन किया।
मामले का फैसला सुनाते हुए कैट ने न्यायिक सदस्य राजिंदर सिंह डोगरा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने कई मामलों में जहां आवेदक मृतक कर्मचारी की मृत्यु के समय नाबालिग था, वह वयस्क होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने का हकदार है, बशर्ते कि आवेदक का परिवार आर्थिक तंगी में हो। इस मामले में केवल यह जांच की जानी थी कि मृतक कर्मचारी का परिवार आर्थिक कठिनाई में है या नहीं। आवेदक यह साबित करने में सफल रहा है, इसलिए नौकरी का हकदार है।