- फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 सिख लाई यूनिट में तैनात जवान के जमानत आवेदन पर दिया फैसला
जम्मू। फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सेना के एक जवान की जमानत अर्जी खारिज कर दी। स्पेशल जज अमरजीत सिंह लंगेह ने सुजवां स्थित 4 सिख एलआई यूनिट में तैनात जसविंदर सिंह के जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी और शिकायतकर्ता के क्वार्टर सुजवां मिलिट्री स्टेशन के त्रिवेणी विहार स्थित परिसर में थे। आरोप है कि 14 सितंबर, 2024 को पीड़िता की मां के बेहोश हो जाने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसी बीच आरोपी हेल्थ कार्ड लेने के बहाने पीड़िता के क्वार्टर में गया और उसके बाद उसे अपने क्वार्टर में ले जाकर जबरदस्ती की। मामले की सूचना पुलिस थाना छन्नी हिम्मत में दी गई जिसके आधार पर 17 सितंबर, 2024 को एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपी ने झूठे फंसाए जाने के साथ ही एफआईआर दर्ज करने में देरी के आधार पर जमानत मांगी। उसके वकील ने कहा कि मेडिकल, फोरेंसिक सबूत अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करते। यह तर्क भी दिया गया कि चालान पहले ही दाखिल किया जा चुका है और ट्रायल चल रहा है। लिहाजा उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी पर गंभीर और गैर-जमानती अपराध में आरोप हैं। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री की जांच करने के बाद कोर्ट ने पाया कि पीड़िता ने घटना का बहुत ही साफ ब्योरा दिया था। अब तक पेश किए गए सबूतों की प्रकृति, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया। जेएनएफ