जम्मू। दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ा दी है। इसके साथ ही प्रतिवादी के खिलाफ आपत्ति दाखिल करने का भी आखिरी मौका दिया। कोर्ट ने साफ किया कि यह मामला एक जमानत आवेदन का है और इसे केस लड़ने वाले पक्षों की मर्जी पर बहुत ज्यादा नहीं खींचा जा सकता।
अब मामले की सुनवाई दो जुलाई को होगी। कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अमरजीत सिंह लंगेह के सामने मौके पर जांच अधिकारी भी केस डायरी के साथ मौजूद रहे। केस डायरी देखने के बाद उन्हें लौटा दी गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से उनके वकील ने वकालतनामा फाइल किया, जिसे रिकॉर्ड में रख लिया गया। रिकॉर्ड के अनुसार पीड़ित के वकील को समय दिए जाने के बावजूद वे इसे फाइल नहीं कर सके। उन्होंने प्रतिवादी की ओर से दायर आपत्ति को देखने के लिए समय मांगा था। कोर्ट ने पीड़ित को इस आवेदन पर आपत्ति दाखिल करने का आखिरी मौका दिया। कहा कि अगर पीड़ित अगली तारीख तक आपत्ति दाखिल करने में नाकाम रही तो उचित आदेश दिए जाएंगे। ब्यूरो