मध्य प्रदेश निवासी आरोपी 2019 से ही जेल में, अब तक 24 में से आधे ही गवाह पेश हुए
दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप देखते हुए कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू की एक युवती की हत्या के चर्चित मामले में सात साल बाद भी डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। मध्य प्रदेश निवासी आरोपी जेल में है। उसके खिलाफ 24 में से अब तक आधे ही गवाह पेश किए जा सके हैं। लंबे समय से जेल में होने और झूठा फंसाए जाने के आधार पर आरोपी ने जमानत मांगी थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
मामला 19 वर्षीय युवती के आरोपी, जो कि विवाहित है, के साथ संबंध और गर्भवती होने से जुड़ा है। आरोप है कि वह शादी का झांसा देकर युवती का यौन शोषण करता रहा। बाद में उसने पीछा छुड़ाने की नीयत से युवती की हत्या को अंजाम दिया। जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अमरजीत सिंह लंगेह मामले में सुनवाई कर रहे थे।
मामले में चालान संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष 30 अप्रैल 2019 को पेश किया गया था। इसके बाद इसे अदालत को सौंपा गया। मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। लोक अभियोजक की ओर से जमानत अर्जी पर आपत्ति दर्ज की गई। उनका कहना था कि जब एक बार गंभीर अपराधों के लिए ट्रायल शुरू हो जाता है तो आरोपी की किसी भी जमानत अर्जी पर विचार नहीं किया जा सकता।
अभियोजन का आरोप था कि याचिकाकर्ता दुष्कर्म, हत्या और सबूत मिटाने जैसे गंभीर अपराधों में शामिल है इसलिए वह अधिकार के तौर पर जमानत का दावा नहीं कर सकता। पूरी संभावना है कि जमानत मिलने पर वह भाग जाएगा।
-
पत्थरों के बीच फंसा मिला था शव, कपड़े जलाने का भी आरोप
आरोप है कि याचिकाकर्ता चार जनवरी 2019 को युवती को बरमनी नाला नाम की एक सुनसान जगह पर ले गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसका शव पत्थरों के बीच फंसा हुआ छोड़ दिया गया। उस पर युवती के कपड़े जलाने और उसका मोबाइल फोन फेंकने का भी आरोप है। रिकॉर्ड के अनुसार मृतका की मां की ओर से आठ जनवरी 2019 को बठिंडी पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 30 जनवरी 2019 को पुलिस ने तलाशी के बाद उसके शव को पत्थरों के बीच फंसा पाया। पोस्टमार्टम में युवती के छह महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।