फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: ईटीटी घोटाले में जेके बोस के पूर्व चेयरमैन निदेशक और अन्य के खिलाफ आरोप तय

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। बहुचर्चित एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ईटीटी) घोटाले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक जम्मू ताहिर खुर्शीद रैना ने जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अब्दुल्ला चारू, तत्कालीन निदेशक अकादमिक बशीर अहमद डार, ईटीटी कॉलेजों के मालिकों पर आरोप तय किए हैं।
विज्ञापन

आरोप पत्र के तहत आरोपियों ने 2000 के बाद से जम्मू-कश्मीर में ईटीटी की स्थापना के लिए अवैध अनुमतियां दीं। इस गैरकानूनी एवं बिना सोचे-समझे किए गए कृत्य ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के इतिहास में एक अभूतपूर्व घोटाले की नींव रखी। आरोप पत्र के अनुसार ईटीटी संस्थानों की स्थापना के लिए पहली बार में 22 अवैध अनुमतियां दी थीं। हालांकि उक्त 22 संस्थानों में से सिर्फ पांच के मालिकों के खिलाफ जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दायर किया है और जबकि बाकी कानून के चंगुल से भागने में कामयाब रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मुख्य और पूरक आरोप-पत्रों के रूप में रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया उनके द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य को दर्शाती है। अदालत ने आगे कहा कि कानून ऐसी स्थिति से निपटने में असहाय नहीं है, जहां जांच अधिकारी (आईओ) ने जांच के दौरान या तो बाहरी विचार पर या अनजाने में मामले के वास्तविक आरोपियों को क्लीन चिट दे दी हो। तथ्य यह है कि आपराधिक अदालत, डाकघर या अभियोजन पक्ष के प्रवक्ता के रूप में कार्य नहीं करेगी। इस अपराध में शामिल सभी 22 ईटीटी संस्थानों के मालिक दोषी हैं। ऐसे में बचे हुए मालिकों को मामले में आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। आरोप पर सुनवाई की अगली तारीख पर इस अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए उक्त प्रत्येक आरोपी-प्रमोटर के खिलाफ 20 हजार रुपये की राशि का जमानती वारंट जारी किया जाए। एपीपी को नए गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों के खिलाफ वारंट का निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया है। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें