जम्मू। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डोडा अमरजीत सिंह लंगेह ने सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में आरोपियों की रिहाई रद्द करते हुए सीजेएम को नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 5 अगस्त 2023 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डोडा द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया। आरोपी रशीद व अन्य पर आरोप है कि 31 मार्च 2020 को व्हाट्सएप स्टेटस में पोस्ट कर समुदायों के बीच द्वेष पैदा करने की प्रवृत्ति थी। इस संबंध में डोडा के तत्कालीन डीसी के कहने पर मामला दर्ज किया गया। जांच एजेंसी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष चालान पेश किया और आईपीसी की धारा 153-बी (सी) के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। 5 अगस्त 2023 के आदेश के तहत ट्रायल कोर्ट ने आईपीसी की धारा 153-बी (सी) से आईपीसी की धारा 153-ए में आरोप बदल दिया। क्योंकि आईपीसी की धारा 153-ए के लिए मुकदमा चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होती है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डोडा ने आरोप में बदलाव करने के बाद मंजूरी की कथित कमी पर आरोपी को आईपीसी की धारा 153-ए के तहत अपराध से मुक्त कर दिया। इस आदेश के विरुद्ध राज्य ने अपर न्यायालय में याचिका दायर किया। इस पर सत्र न्यायाधीश ने कहा मुद्दा यह नहीं है कि ट्रायल कोर्ट के पास आरोप को बदलने की कोई शक्ति नहीं थी। सार यह है कि इसे रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के सचेत विचार पर आधारित होना चाहिए। आदेश पारित करते समय ट्रायल कोर्ट ने जो कहा उसे कारणों के साथ स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रायल कोर्ट ने बिना कोई कारण बताए यह निष्कर्ष निकालने में जल्दबाजी की है। ऐसे में आरोपी की रिहाई को रद्द करते हुए नया आदेश पारित करने को कहा है। - जेएनएफ