केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की एक पीठ ने कहा- नियमों के तहत नहीं हुई है नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की एक पीठ ने जम्मू मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में डॉ. नरिंदर सिंह भुटियाल की चिकित्सा अधीक्षक के रूप में नियुक्ति को रद्द कर दिया। कैट के सदस्य सुरेश कुमार मोंगा और एके दुबे की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. राकेश कुमार शर्मा के वकील अभिमन्यु शर्मा व अभिनव शर्मा की दलीलों को सुना।
इसमें पाया गया कि 31 अक्तूबर, 2022 के आदेश में अस्थायी व्यवस्था के तहत चिकित्सा अधीक्षक जीएमसी जम्मू के पद का प्रभार डॉ. नरिंदर कुमार भुटियाल को सौंपा गया है। इस आदेश को डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने चुनौती दी थी। जिन्होंने इस आधार पर आदेश को रद्द करने की मांग की थी कि प्रतिवादी जो मूल रूप से चिकित्सा अधिकारी का पद संभाल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर मेडिकल (राजपत्रित) के तहत गठित जम्मू-कश्मीर चिकित्सा (राजपत्रित) सेवा के सदस्य हैं। सेवा भर्ती नियम 1970 को जम्मू-कश्मीर चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1979 का उल्लंघन करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में चिकित्सा अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। चिकित्सा अधिकारी के पद से चिकित्सा अधीक्षक के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
प्रतिवादी के लिए एएजी ने कहा कि उच्च न्यायालय की ओर से स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि राज्य सरकार 1979 के नियम सात द्वारा परिकल्पित प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल जम्मू और इसके संबंधित शिक्षण अस्पतालों में मौजूदा चिकित्सा अधीक्षक के पदों को भरने के लिए कदम उठाएगी। यदि कोई योग्य व्यक्ति उपलब्ध नहीं है तो चिकित्सा अधीक्षक के पद पर मूल रूप से पदोन्नत होने के लिए उप चिकित्सा अधीक्षकों के लिए जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग की सिफारिश मांग सकता है। -जेएनएफ