जम्मू। हवाई अड्डे के विस्तार भूमि मामले में उच्च न्यायालय ने याचिका बहाल में देरी को माफ कर दिया, लेकिन इसके साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अपीलकर्ता ने हवाला दिया कि कोरोना की वजह से देरी हुई है। इसके पहले न्यायाधीश विनोद चटर्जी कौल ने मामले पर दोनों तरफ की दलीलें सुनीं। भारतीय विमानपतन प्राधिकरण की तरफ से एडवोकेट इंद्रजीत गुप्ता ने कहा कि अपीलकर्ता जमीन का मालिक नहीं है। रिट याचिका में अपीलकर्ता का नाम नहीं है। कौल ने कहा कि भले ही कोविड अवधि को बाहर कर दिया गया हो, फिर भी रिट याचिका की बहाली की मांग में देरी हो रही है, क्योंकि देरी मार्च 2022 से अक्टूबर 2022 तक है। जेएनएफ