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'जब उमर अब्दुल्ला अपने मकान में सुरक्षित हैं तो उनकी पत्नी क्यों नहीं'?

Mon, 22 Aug 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
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अपनी पत्नी के साथ उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
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हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पत्नी पायल अब्दुल्ला की सरकारी आवास देने की मांग को अवैध ठहराया है। अदालत ने केंद्र सरकार को पायल अब्दुल्ला व उनके बेटों को सरकारी आवास से बेदखल करने की इजाजत प्रदान कर दी।
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न्यायमूर्ति इन्द्रमीत कौर ने अपने फैसले में कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री उमर व फारूक अब्दुल्ला जिनके पास जेड प्लस सिक्योरिटी है अपने निजी आवास पर सुरक्षित हैं तो पायल व उनके बेटे क्यों नहीं रह सकते। अदालत ने कहा कि पायल की ये आशंका की उन्हें व उनके बेटों को प्राप्त सिक्योरिटी अपर्याप्त है गलत है। ऐसे में उनकी सरकारी आवास से खाली करवाने के निर्णय पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका खारिज की जाती है। 

19 अगस्त को अदालत ने पायल को शिष्टाचार पूर्वक सरकारी आवास खाली करने का सुझाव दिया था। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पायल अब्दुल्ला को लुटियन जोन (7 अकबर रोड़) में आवंटित बंगले को खाली करने का निर्देश दिया था। पायल ने इस निर्णय को चुनौती दी थी।
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पायल की सुरक्षा में तैनात है 94 सुरक्षाकर्मी

पायल अब्दुला और उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
पायल के अनुसार उन्हें व उसके बच्चों को जेड और जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है। उनकी सुरक्षा में 94 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। सरकार उन्हें निजी फ्लैट में जाने के लिए कह रही है जहां उनकी सुरक्षा करना संभव नहीं है। 

इससे पूर्व केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि वह सुरक्षा के मुद्दे पर पायल अब्दुल्ला  व उनके बच्चों को सरकारी आवास प्रदान नहीं कर सकती है। सरकार ने कहा था कि पायल अब्दुला व उनके बच्चें सरकारी आवास पाने के हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि नए नियमों के अनुसार अब मात्र उन्हें ही सरकारी आवास मिल सकता है जिन्हें एसपीजी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

इससे पूर्व जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि जेड और जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को केवल चार से पांच सुरक्षाकर्मी प्रदान किए जाते है। उन्होंने कहा कि 94 सुरक्षाकर्मी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री का निवास होने के आधार पर तैनात किए गए थे।
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