हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पत्नी पायल अब्दुल्ला की सरकारी आवास देने की मांग को अवैध ठहराया है। अदालत ने केंद्र सरकार को पायल अब्दुल्ला व उनके बेटों को सरकारी आवास से बेदखल करने की इजाजत प्रदान कर दी।
न्यायमूर्ति इन्द्रमीत कौर ने अपने फैसले में कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री उमर व फारूक अब्दुल्ला जिनके पास जेड प्लस सिक्योरिटी है अपने निजी आवास पर सुरक्षित हैं तो पायल व उनके बेटे क्यों नहीं रह सकते। अदालत ने कहा कि पायल की ये आशंका की उन्हें व उनके बेटों को प्राप्त सिक्योरिटी अपर्याप्त है गलत है। ऐसे में उनकी सरकारी आवास से खाली करवाने के निर्णय पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका खारिज की जाती है।
19 अगस्त को अदालत ने पायल को शिष्टाचार पूर्वक सरकारी आवास खाली करने का सुझाव दिया था। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पायल अब्दुल्ला को लुटियन जोन (7 अकबर रोड़) में आवंटित बंगले को खाली करने का निर्देश दिया था। पायल ने इस निर्णय को चुनौती दी थी।