परेड ग्राउंड में गणेश महोत्सव के आयोजन के लिए अनुमति देने से संबंधित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि परेड ग्राउंड खेलोें के लिए है और उसमें अन्य गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा सकती। गणेश महोत्सव आयोजन समिति ने परेड में 17 से 27 सिंतबर, 2015 तक महोत्सव के आयोजन के लिए अनुमति मांगी थी। इससे पहले हाईकोर्ट ने शंभूनाथ और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में आदेश दिया था कि ग्राउंड का उपयोग सिर्फ खेलों के लिए हो, किसी अन्य गतिविधियों के लिए नहीं।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर ने आवेदक की वकील सुरिंदर कौर और एडवोकेट अपराजिता जम्वाल तथा सीनियर एएजी एसएस नंदा की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आवेदक उस स्थान पर महोत्सव आयोजन की अनुमति मांग रहा है, जिसमें हाईकोर्ट ने 11 अप्रैल 2014 के अपने आदेश में कहा था कि परेड ग्राउंड में खेलों के अलावा अन्य गतिविधियों का संचालन न किया जाए।
यदि इस पर कोई अन्य आयोजन होते हैं तो इसे अदालत की अवमानना के रूप में देखा जाएगा। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में जारी अंतिम आदेश को ध्यान में रखते हुए खेलों के अलावा अन्य किसी भी गतिविधियों के लिए निर्देश नहीं दिए जा सकते। इसलिए परेड ग्राउंड में महोत्सव आयोजन की इजाजत नहीं दी जा सकती। जेएनएफ