भारतीय करेंसी नोट पर अन्य भाषाओं की तरह डोगरी भाषा लिखने की मांग से संबंधित दायर जनहित याचिका में वीरवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को आरबीआई की एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर जवाब देने का निर्देश जारी किया।
एडवोकेट बीआर मन्हास की ओर से दायर की गई जनहित याचिका में खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश एनपाल वसंथाकुमार और न्यायाधीश बंसी लाल भट्ट ने केंद्र को अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया। जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने डोगरी भाषा के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि भारतीय संविधान के मुताबिक डोगरी भाषा को आठवीं सूची में शामिल किए जाने के बावजूद भारतीय करेंसी नोट में अन्य भाषा के साथ शामिल नहीं किया गया है, जो सरासर गलत है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से प्रार्थना की कि इस संबंध में प्रतिवादी केंद्र को करेंसी नोट और पोस्टल कागजात पर डोगरी भाषा को डिजाइन करने के लिए केंद्रीय सरकार और पोस्टल विभाग को निर्देश दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही मांग की कि राज्य में सभी स्कूलों में पहली कक्षा से डोगरी भाषा को पढ़ने और लिखने का प्रावधान बनाते हुए निर्देश जारी किया जाना चाहिए।(जेएनएफ)