जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल और राजेश सेकरी की खंठपीठ ने आठ साल पुराने हत्या मामले के आरोपी सोनू कुमार की उम्रकैद की सजा खारिज कर दी है। साथ ही आरोपों से बरी कर दिया है।
पुलिस मामले के अनुसार 25 मई 2008 को मृतक के चाचा ने पुलिस चौकी संदवान में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसका भतीजा पूर्व सैनिक सैन सिंह निजी नौकरी कर रहा था। पार्किंग ठेके को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने चाकू मार कर मार दिया है।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। डीबी ने अभियुक्त के लिए अधिवक्ता राजेश कोतवाल द्वारा पेश की दलीलों में पाया कि निचली अदालत ने सबूतों की ठीक से जांचा नहीं है और अपीलकर्ता को गलत तरीके से दोषी ठहराया है। खासकर जब अभियोजन पक्ष के नेतृत्व में सबूत प्रकृति में निर्णायक नहीं थे।
डीबी ने आदेश दिया कि 30 दिसंबर 2013 का निर्णय और आदेश को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू द्वारा पारित किया गया है। इसमें अपीलकर्ता को धाराओं के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराने और सजा देने की सीमा तय है। 302 और 452 आरपीसी को अलग रखा गया है। अपीलकर्ता को दोषमुक्त किया जाता है और चालान को खारिज किया जाता है।