हीमोफीलिया केयर सोसाइटी की ओर से दायर की गई जनहित याचिका मामले में खंडपीठ ने राज्य सरकार को सेंटर और दवाइयों के लिए फंड जारी करने के संबंध में जवाब मांगा है। सोसाइटी की ओर से दायर याचिका के मुताबिक सोसाइटी ने राज्य में तीन सौ के करीब हीमोफीलिया बीमारी से ग्रस्त मरीजों का पता लगाया था, जो स्वास्थ्य सुविधाओं सहित दवाइयों का अभाव झेल रहे हैं।
सरकारी अस्पताल की ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में कार्य करने के लिए राज्य सरकार ने 2011-12 में श्रीनगर अस्पताल के लिए एक करोड़ और जम्मू के अस्पताल के लिए एक करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। श्रीनगर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल अस्पताल में हीमोफीलिया पर कार्य पूरी तरह से शुरू किया गया, लेकिन अभी तक जम्मू स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के लिए सेंटर तक का निर्माण नहीं हो पाया है।
इस संबंध में हाई कोर्ट की खंडपीठ के मुख्य न्यायाधीश एनपाल वसंथाकुमार और न्यायाधीश धीरज सिंह ठाकुर ने एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत की दलीलें सुनने के बाद स्वास्थ्य आयुक्त सचिव के जरिये सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
जेएनएफ