जम्मू। मानसून की आहट के बीच शहर को जलभराव और बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम सक्रिय हो गया है। 75 वार्डों के संवेदनशील इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सड़कें, नाली-नाले, पाथवे और विशेषकर जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) को दुरुस्त करने के कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएंगे।
नगर निगम ने कई वार्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और संबंधित एजेंसियों को धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक इस बार उन क्षेत्रों को प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा गया है जहां हर साल भारी बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
निगम आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने कहा कि मानसून के आगमन से पहले संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इंजीनियरिंग विंग को साफ निर्देश दिए हैं कि वे कार्यों की नियमित निगरानी करें। सभी संबंधित परियोजनाओं को हर हाल में 15 जून से पहले पूरा करें ताकि बरसात शुरू होने पर आम जनता को जलभराव से राहत मिल सके। संवाद
इन वार्डों में शुरू होंगे विकास कार्य
नगर निगम ने अलग-अलग वार्डों को समूहों में बांटकर करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए हैं। वार्ड संख्या 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 14, 19 और 71 के विकास के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की निविदाएं जारी की गई हैं। वार्ड संख्या 21, 23, 42, 43, 45, 46 और 58 में जल निकासी व अन्य सुधार के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय कर टेंडर निकाला गया है। वार्ड संख्या 59, 60, 62, 64 और 75 के संवेदनशील इलाकों के लिए भी पांच करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं।
कैप्शन- तवी नदी में 26 अगस्त को आई बाढ़। (फाइल)