जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी संख्या है जो अपना यात्रा इतिहास छिपाकर आराम से घर पर बैठे हैं या फिर समाज में खुलेआम घूम रहे हैं। अगर ये लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तो ये समाज को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे संक्रमित मरीज जहां पर जाएंगे, कोरोना वायरस के दायरे को बढ़ाते चले जाएंगे।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामले में पहले कुछ दिन संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आएंगे लेकिन बाद में यह संक्रमण सैकड़ों-हजारों लोगों में फैल जाएगा। श्रीनगर में गत दिनों जो दंपती पॉजिटिव पाए गए थे, उन्होंने यात्रा इतिहास छिपाया था।
सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल का कहना है कि यात्रा इतिहास को छुपाना अपराध है। इसके लिए संक्रमित लोगों को कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। सरकार लगातार अपील कर रही है कि विदेश, संक्रमित व्यक्ति या किसी प्रभावित क्षेत्र की यात्रा करने वाले लोग अपने यात्रा इतिहास की सही जानकारी दें, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण का फैलाव रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे कर छिपे हुए लोगों को पहचानने की कोशिश की जा रही है।
जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
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लॉकडाउन के बीच कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने चेताया है कि यदि किसी ने हाईवे पर खासकर जवाहर टनल की ओर बिना पास के जाने की कोशिश की तो वाहन जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही सवारियों को निकट के एकांतवास केंद्र में 14 दिन के लिए रखा जाएगा। इस वजह से लोग बेवजह घर से बाहर न निकलें। घर पर ही रहें। आईजी ने ट्वीट कर सभी से संयम बरतने को कहा है।