जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले की बनी तहसील के लोआंग गांव में शिक्षा विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में कोरोना वायरस जैसे लक्षण सामने आने से हडकंप है। कर्मचारी से दिल्ली में संपर्क में आए कश्मीर के पांचों लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी को जीएमसी कठुआ रेफर कर दिया गया है, जहां उसे एकांतवास में रखने के साथ ही सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाएंगे।
उसके परिवार के आठ सदस्यों को एकांतवास में रखा गया है। इस बीच कर्मचारी ने लोआंग की मस्जिद में सैकड़ों लोगों के साथ बीते सप्ताह जुमे की नमाज अता की थी। ऐसे में कई लोग उसके संपर्क में आ चुके हैं। यही नहीं संपर्क में आए उसके भाइयों में से एक एसडीएम बनी के साथ तैनात है। ऐसे में डीसी ने एसडीएम को भी एकांतवास में रहने की हिदायत दी है।
वहीं, शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) प्रबंधन ने कोरोना से संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले 13 डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को घर पर ही एकांतवास में रखने के निर्देश दिए हैं। उत्तरी कश्मीर के बीएमओ बांदीपोरा डॉ. आसिफ खान ने भी खुद को एकांतवास में करने का फैसला लिया है। डॉ. आसिफ बारामुला से बांदीपोरा उस मरीज को अपनी गाड़ी में लाए थे, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
बीएमओ ने बताया कि जब वे मरीज को अपनी गाड़ी में लाए थे तब उसमें ऐसे कोई लक्षण नहीं थे और न ही उसकी रिपोर्ट आई थी। इस दौरान उन्होंने एहतियातन सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया था लेकिन फिर भी एहतियातन खुद को एकांतवास में करने का फैसला लिया है। डीसी बांदीपोरा शाहबाज मिर्जा ने बताया कि हमने सरकार को घटना के बारे में लिखा है और अभी मामले के बारे में पता लगाया जा रहा है।