जम्मू। कोरोना वायरस के पाजिटिव और संदिग्ध मामलों को देखते हुए इससे निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए आइसोलेशन यूनिटों को मजबूत बनाया जा रहा है। गांधीनगर अस्पताल में 13 बेड का कोरंटाइन वार्ड स्थापित किया गया है। इसके अलावा आपात स्थिति के दौरान बत्रा अस्पताल को बड़े आइसोलेशन यूनिट में स्थापित करने की योजना है। अब तक प्रभावित कोरोना वायरस देशों से लौटने वाले यात्रियों को घर और पाजिटिव मामलों को जीएमसी के आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है, लेकिन जिन संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं, उनके लिए संस्थागत आइसोलेशन यूनिट की जरूरत है, ताकि वे सैंपल की रिपोर्ट आने तक की अवधि में उक्त यूनिट में रह सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई। इसमें आइसोलेशन यूनिटों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। इस बीच भगवती नगर स्थित यूनिट में भर्ती कुछ संदिग्ध मरीजों ने आरोप लगाए हैं कि उनके सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, इसके बावजूद उन्हें वहीं पर रखा गया है। इससे उनमें अन्य लोगों के संपर्क में रहने से पाजिटिव होने की आशंका बढ़ जाती है।
टेस्ट लैब को अधि सक्रिय बनाया
जीएमसी में स्थापित कोरोना वायरस टेस्ट लैब को अधिक सक्रिय बनाया गया है। इसमें संदिग्ध मरीजों की प्राइमरी स्क्रीनिंग करने के साथ उनके सैंपलों के टेस्ट किए जा रहे हैं। इसमें जिन पीड़ितों के सैंपल पाजिटिव आ रहे हैं उन्हें क्रास चेक के लिए बाहर भेजा जा रहा है। सर्विलांस टीमें पाजिटिव मरीजों के प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से सर्विलांस अभियान चलाकर क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। पाजिटिव मामलों के संपर्क में रहने वाले सभी लोगों को सर्विलांस पर लिया गया है। इनमें लक्षण मिलने वाले पीड़ितों के सैंपल लिए जा रहे हैं।