बताया जा रहा है कि जम्मू में फंसे 330 लद्दाखी छात्रों को लेकर जा रही 12 बसों के काफिले में ही उनका वाहन भी शामिल था। इस दौरान उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर हिमस्खलन से बंद हुए जोजिला पास पर मोर्चा संभाला था। इसके बाद 4 मई को उन्होंने द्रास में अधिकारियों के साथ यात्रियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था को जांचा लेकिन वहां अधिकारियों द्वारा उनकी जांच नहीं की गई।
उसी दिन दोपहर बाद उन्होंने कारगिल में जिला आयुक्त बसीर-उल-हक चौधरी, हिल काउंसिल के चेयरमैन फिरोज खान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी। ऐसे में अब लोग मांग करने लगे हैं कि जिन अधिकारियों और आम लोगों के साथ सांसद नामग्याल से मुलाकात की है, उन सभी को क्वारंटीन किया जाए।