मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने किया लखनपुर का दौरा
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दूसरे राज्यों में फंसे जम्मू-कश्मीर के हजारों लोगों की जल्द ही घर वापसी होगी। रोज तीन हजार लोग प्रदेश में दाखिल होंगे। साथ ही लखनपुर में मौके पर ही कोरोना टेस्ट के लिए हर व्यक्ति का सैंपल लिया जाएगा। 24 घंटे के भीतर ही सभी की रिपोर्ट आ जाएगी। इससे लोगों की घर वापसी के साथ-साथ प्रदेश में कोरोना का खतरा भी कम होगा।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के बाद प्रदेश सरकार नियंत्रित तरीके से अन्य राज्यों और प्रदेशों में फंसे कामगारों और विद्यार्थियों को वापस लेने के लिए एसओपी जारी कर चुकी है। शुक्रवार को लखनपुर में इंतजामों का जायजा लेने पहुंचे जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने अधिकारियों को इससे संबंधित जरूरी निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से छूट दी गई है, जिससे अन्य राज्यों में फंसे छात्रों और मजदूरों को नियंत्रित तरीके से भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है। प्रदेश सरकार की ओर से इसे लेकर एसओपी जारी की गई है।
गृह सचिव शालीन काबरा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो देश के विभिन्न राज्यों से समन्वय कर फंसे लोगों को वापस लाने के इंतजाम करेंगे। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए लखनपुर में ओवरऑल मूवमेंट अजीत साहू देख रहे हैं। बताया कि जम्मू कश्मीर का कोरोना के संदर्भ में प्रदर्शन अच्छा रहा है और उम्मीद है कि जल्द इससे निजात पा ली जाएगी।
बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के तीस से चालीस हजार लोग प्रदेश के बाहर विभिन्न राज्यों और प्रदेशों में फंसे हैं, जिन्हें चरणवार वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक लखनपुर में बेहतर व्यवस्था रही है और जो भीड़ आएगी उसे भी व्यवस्थित तरीके से प्रदेश में लिया जाएगा । इसके लिए सौ एसआरटीसी लखनपुर में उपलब्ध रखी गई हैं, जो पिछले कई दिनों से कश्मीर और जम्मू संभाग के प्रदेश में पहुंच रहे लोगों को संबंधित जिलों तक पहुंचा रही हैं।