प्रदेश की जेलों में बंद सैकड़ों कैदियों ने जेल परिसर में फेस मास्क के बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए अपना सहयोग दिया है। एलजी प्रशासन से मंजूरी के बाद जेल विभाग ने कैदियों से पिछले महीने उच्च गुणवत्ता वाले पॉली प्रोपाइलीन मास्क का निर्माण कराया।
प्रदेश के दोनों संभागों में जेलों के अंदर मास्क बनाने का काम जोरों पर चल रहा है और संबंधित जेल अधीक्षकों के मार्गदर्शन में एक लाख मास्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। महानिदेशक जेल वीके सिंह ने कहा कि कैदी भी कोरोना बचाव में अपना योगदान दे रहे हैं। मास्क की कोई कमी नहीं रहेगी।
प्रतिदिन एक हजार मास्क बनाने के लिए कैदियों को दिया गया है। अब तक 25 हजार से अधिक मास्क बनाए जा चुके हैं। मास्क श्रमिकों को मुफ्त में दिए गए जबकि अन्य मास्क 15 रुपये प्रति पीस की दर से बेचे गए हैं। बाजार में 50 रुपये और 60 रुपये की रेंज में मास्क मिल रहे हैं।