कश्मीर में कोरोना वाइरस से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज की हैं। श्रीनगर के कई मुख्य अस्पतालों के साथ जिला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। स्थानीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। हवाई अड्डों पर पर्याप्त संख्या में डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ , एंबुलेंस के साथ अन्य उपकरण स्थापित किए गए हैं।
सभी उड़ानों में यह घोषणा की जा रही है कि प्रत्येक यात्री एयरपोर्ट छोड़ने से पहले कोरोना वायरस हेल्प डेस्क पर जाकर अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दें। कोरोना वायरस के लक्षण वाले यात्रियों को तुरंत आइसोलेशन में भेजा जाएगा और हेल्प डेस्क को उच्चाधिकारियों को हर घंटे में स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ईरान में फंसे बच्चों के अभिभावकों का प्रदर्शन
श्रीनगर के लाल चौक में स्थित प्रेस कालोनी में बुधवार को कुछ अभिभावकों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर ईरान में फंसे उनके बच्चों को वापस लाने की मांग की। उन्होंने सरकार से कहा कि ईरान में सभी युवाओं को सुरक्षित वापस लाने के लिए उचित इंतजाम करने को कहा।
एक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा ईरान के शिराज में पढ़ता है, लेकिन वहां के प्रशासन ने कोरोना वायरस के चलते ईरान से हवाई संपर्क काट दिया है तो उनका वापस लौटना संभव नहीं हो रहा है। उन्हें खानपान में भी दिक्कत आ रही है और वे हास्टल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। बता दें कि जम्मू कश्मीर के करीब 2000 लोग ईरान में फंसे हुए हैं जिनमें से करीब 250 छात्र हैं जो मशद, किरमान, तेहरान, कोम आदि शहरों में फंसे हुए हैं।