जम्मू-कश्मीर में बुधवार को 34 नए मामले सामने आए। जम्मू संभाग में दो तो वहीं, कश्मीर संभाग में 32 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब 775 पहुंच गया है।
जम्मू कश्मीर में कोरोना पूल टेस्टिंग शुरू
वहीं, जम्मू-कश्मीर में टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए नई तकनीक के साथ पूल कोविड टेस्टिंग शुरू की गई है। इस तकनीक में एक ट्यूब में एक साथ पांच सैंपल लगाए जाते हैं। जिसमें सैंपल के निगेटिव होने पर पांचों निगेटिव घोषित हो जाते हैं, जबकि पॉजिटिव होने की सूरत में सभी का अलग अलग दोबारा टेस्ट किया जाता है। इस तकनीक से कोविड टेस्टिंग की रिपोर्ट जल्द आने के साथ समय और लैब सामान की बचत हो रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख कोविड लैब में इसे शुरू किया गया है। जम्मू कश्मीर में कोविड टेस्टिंग की क्षमता प्रतिदिन 2000 तक हो गई है। जिसमें जम्मू में 900-950 और कश्मीर में 1100 से 1200 के बीच में कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं।
कोरोना महामारी के शुरू में सिंगल सैंपल लिए जा रहे थे। इसमें प्रत्येक सैंपल अलग से एक बैच में लगाया जाता है, जिसमें उनकी रिपोर्ट में 8-10 घंटे लग जाते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूल टेस्टिंग की मंजूरी दी गई है, जहां पॉजिटिव मामलों का दर 1 फीसदी से कम हो। जम्मू संभाग में अभी तक सीमित कोविड पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। कोविड सैंपल में पॉजिटिव की पुष्टि के लिए रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमर्स चैन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) टेस्ट किया जा रहा है।
मसलन पहले 100 टेस्ट में प्रत्येक का सैंपल अलग से लगाया जा रहा था, लेकिन अब इतने टेस्ट के लिए सिर्फ 20 सैंपल लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक टेस्ट पर करीब 4000 रुपये की लागत आती है, जिसमें कोविड किट अलग से होती है। हाल ही में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 8 करोड़ रुपये की किट की खरीद की है। इससे पहले ये किट केंद्र सरकार की ओर से मुहैया करवाई जा रही थी। जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी विभाग की एचओडी डा. शशि सूदन ने बताया कि कोविड पूल टेस्टिंग शुरू की गई है। जम्मू में टेस्टिंग की क्षमता बढ़ी है।