जयौडियां और खौड़ में दुकाने तो खुली लेकिन नही दिखी रौनक
ज्यौड़ियां। बाजार में बुधवार को लगभग सभी दुकानदारों ने प्रशासन के आदेश पर दुकानें खोल दीं। दुकानें तो खुलीं लेकिन कोरोना के डर से लोगों ने बाजार का रुख नहीं किया। लगभग दो माह रहे लॉकडाउन के प्रथम चरण में दुकानदारों तथा स्थानीय लोगों ने पूर्ण रूप से पालन किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक दूसरे, तीसरे व चौथे चरण तक पहुंचते-पहुंचते नियमों का उल्लघंन अधिक देखा गया, जिसका जिम्मेदार भी प्रशासन रहा ।
इसी सिलसिले में पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक विजय शर्मा, प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती नंद, उपप्रधान अनिल गुप्ता (राकी शाह), सचिव पीडी शर्मा ने बुधवार को विशेष वार्ता कर बताया कि ऐसी परिस्थितियां बन जाने पर प्रशासन का मुख्य रोल रहता है, जबकि अर्से से तहसील की कुर्सी खाली है। उधर म्यूनिसिपल कमेटी में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भी नहीं है। इस संकट की घड़ी में ज्यौडियां में सब भगवान भरोसे ही रहा, क्योंकि नियमों का पालन कराने में स्थानीय प्रशासन का अहम रोल होता है। गनीमत रही कि लाकॅडाउन केवल चंद दुकानों तक ही सीमित रह गया।
कमेटी के सदस्यों की प्रशासन के अधिकारियों से गुहार है कि खतरा अभी टला नहीं है, लिहाजा जल्द से जल्द ज्यौड़ियां में तहसीलदार और ईओ के पद को भरा जाए ताकि समय-समय पर प्रशासनिक आदेश दुकानदारों और लोगों तक पहुंचते रहें और जो चंद लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं उनसे सख्ती से निपटा जाए। दूसरी तरफ खौड़ बाजार की दुकानें भी खुलीं, लेकिन बाजार में लाकॅडाउन के पहले जैसी रौनक नहीं दिखी।
दुकानदारों ने बताया कि बाजारों में तब तक पूरी तरह से रौनक नही लौटेगी जब तक बसें, मिनी बसें व ऑटो नहीं चलते।