जम्मू। जम्मू कश्मीर में मार्च से अब तक 241891 कोविड टेस्ट की नतीजे आ चुके हैं। इनमें 237384 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि कुल पाजिटिव 4507 मामलों में से मौजूदा 2785 सक्रिय हैं। इनमें जम्मू संभाग में 712 और कश्मीर में 2073 मामले शामिल हैं। प्रदेश की विभिन्न लैबों में प्रतिदिन औसतन 5000 सैंपल लिए जा रहे हैं। लेकिन जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों पर सैकड़ों कोविड मामलों की रिपोर्ट लंबित हैं।
कश्मीर में स्किमस सोरा, सीडी अस्पताल और जेवीसी लैब में कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं। स्किमस सोरा में अब तक 70 हजार से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। कश्मीर में प्रतिदिन औसतन 2500 या इससे अधिक टेस्ट हो रहे हैं। यहां मार्च से अब तक करीब सवा लाख टेस्ट हो चुके हैं। इसी तरह जम्मू संभाग में भी विभिन्न लैबों में सवा लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लेबोरेटरी में गत 9 मार्च को कोविड टेस्ट शुरू किए गए थे, जिसमें अब तक 50 हजार से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं। यहां रोजाना 1100-1200 कोविड टेस्ट हो रहे हैं।
कमांड अस्पताल उधमपुर में भी अब तक 55 हजार टेस्ट हो चुके हैं। यहां प्रतिदिन 1500-1700 टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा आईआईआईएम जम्मू में अब तक 11000 से अधिक कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। यहां प्रतिदिन करीब 500 कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके साथ कुछ निजी लैबों से भी अनुबंध करके कोविड टेस्ट करवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. रेणु शर्मा का कहना है कि कोविड टेस्टिंग की क्षमता में विस्तार किया गया है। जम्मू में गत 12 मई से देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों का पहुंचना शुरू हुआ था। उसके बाद से पाजिटिव मामलों में 80 फीसदी ट्रैवलर और 20 फीसदी अन्य वर्ग के लोग शामिल हैं।
रिपोर्ट में देरी से मरीजों की परेशानी बढ़ी
जम्मू। जिला जम्मू के ही करीब 1400 सैंपलों की टेस्ट रिपोर्ट लंबित है। सूत्रों के अनुसार लंबित रिपोर्टों में अधिकांश मामले क्वारंटीन से जुड़े है। इसमें क्वारंटीन में लोगों को रिपोर्ट के इंतजार में तय से अधिक कई दिन तक रहना पड़ रहा है। जम्मू में सड़क, रेल और हवाई मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं। जिन्हें प्रोटोकाल के तहत कोविड टेस्ट के बाद क्वारंटीन किया जा रहा है। संभाग के विभिन्न क्वारंटीन केंद्रों में सैकड़ों लोगों को रखा गया है।