आरएस पुरा। उपजिले के 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं लगने रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। लोगो का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा देश में 21 जून के बाद वैक्सीन लगाए जाने के लिए तेजी लाए जाने के लिए कहा जा रहा, लेकिन हालत यह है कि अभी भी उपजिले में 18 से 44 वर्ष आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जा रही।
युवा रमण संधू का कहना है कि सरकार की ओर से बनाई योजना सही प्रकार लागू नहीं हो पाती। इससे पता चलता है कि सरकार की कथनी व करनी में कितना अंतर है। पहले मोबाइल ऐप से स्लाट बुक कराने के लिए कहा जाता रहा। अब कुछ और ही वास्तविकता सामने आ रही ह। पंकज डोगरा ने कहा कि हालात यह हैं कि अब उपजिले के प्राइमरी हेल्थ केंद्रों पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं लग रही। एक माह पहले उपजिले में लगभग एक हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जाती थी, लेकिन 150 लोगों को डोज लगाई जा रही। इन दिनों अधिकतर लोगों को दूसरी डोज लगाई जा रही। जिन्हें पहले से डेट दी गई थी।
उपजिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए केंद्र में हर रोज काफी संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते हैं लेकिन उन्हें निराश होकर जाना पड़ता है। मंगलवार को कुल 121 लोगों को वैक्सीन लगाई, जिससे पता चलता है कि उपजिले में पर्याप्त तौर पर वैक्सीन का स्टाक नहीं होना है।
पूर्व विधायक डॉ. गगन भगत का कहना है कि भाजपा नेताओं में इतना साहस नहीं कि वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात कर 18 से 44 वर्ष के आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं लगाए जानेपर बात करें। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के पास झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं किया जा रहा। पूर्व विधायक ने कहा कि समाचारपत्रों व टीवी चैनल्स में केंद्र राज्य सरकार की ओर से वैक्सीन लगवाए जाने के लिए कहा जा रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर हालत यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास जरूरत के मुताबिक वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग करते हुए कहा कि इस बार कोरोना महामारी ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचने पर सरकार को चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्र की हर पंचायत में वैक्सीन लगवाए जाने के लिए योजना बना लोगों का टीकाकरण किया जाता, ऐसा नहीं किया जा रहा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में वैक्सीन लगाए जाने के लिए तेजी लाए जाने की मांग की ताकि लोगों को राहत मिल सके।