आरएस पुरा /मीरां साहिब। उपजिले में शुक्रवार को कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रशासन की ओर से सख्ती दिखाते हुए बाजारों में पहुंचने वालों से भी कड़ी पूछताछ कर भेजा गया। हालांकि सुबह दस बजे तक जरूरी खाद्य पदार्थों सहित सब्जियां, दूध, दही की दुकानें खुली रहीं। दवा की दुकानें दिन भर खुली रहीं।
कस्बे के बाजार में शुक्रवार को आने जाने वाले सड़क मार्गों पर पुलिस कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी कर लोगों से जरूरी कार्य होने पर ही जाने दिया गया। कस्बे के बाजार बंद होने पर दिन भर सुनसान बना रहा। उपजिला अस्पताल में कई लोग स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए पहुंचे लेकिन पहले के मुकाबले लोगों की संख्या में काफी कमी रही। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे अवकाश हो। ओपीडी में रुटीन के मुताबिक डॉक्टर पहुंचे। लोग काफी कम नजर आए। एसडीएम व तहसील सहित अन्य विभागों में लोग काफी कम लोग दिखे। कोरोना कर्फ्यू में लोगों ने घरों में रहना बेहतर समझा। मीरां साहिब कस्बे में कुछ दुकानें खुली होने पर लोगों ने पत्रकारों को फोटो भेजने के साथ पुलिस की सहमति से दुकानें खुलवाए जाने का आरोप लगाया।
इस संबंध में एसडीपीओ शब्बीर अहमद खान को अवगत कराने पर कहा कि जो लोग कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए पकडे़ जाएं, कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
राधे कृष्ण शर्मा ने कहा कि इस समय देश व राज्य में कोरोना महामारी चरम पर है। लोगों को निर्देश का पालन करना चाहिए। ताकि लोगों की कीमती जान बचाई जा सके। कारोबार बाद में भी चलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में रुपये लेकर बाजार में दवाइयां व आक्सीजन तक नहीं मिल रही। ऐसे में लोगों को जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
मीरां साहिब बाजार कमेटी के पूर्व प्रधान चौ. जनक राज का कहना है कि कोरोना कि इस चेन को तोड़ने के लिए लोगों को पहल करनी चाहिए। ताकि लोगों को जान न गवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे अधिक मार गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को उठानी पड़ रही । मजदूर वर्ग के लोगो को काम नही मिल रहा ऐसे में समाजिक कार्यक्ताओं को जरूरतमंद लोगो की साहयता करने के लिए आगे आना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की हो रही अनदेखी
आरएस पुरा /मीरां साहिब। कोरोना के चलते ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन की ओर से सुध नहीं लिए जाने पर लोगों ने रोष जताते हुए सरकार से बेहतर सुविधाए मुहैया कराए जाने की मांग की। समाजसेवी व सेवानिवृत्त हेड मास्टर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस समय कोरोना महामारी को देखते हुए हर पंचायत के गांव में सैनिटाइज किया जाना चाहिए, पर ऐसा नहीं किया जा रहा। गत वर्ष ग्रामीण विकास विभाग की ओर से हर पंचायत के गांव में लोगों को निशुल्क मास्क वितरित किए गए, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं किय गया। उन्होंने कहा कि बीडीसी अध्यक्ष व डीडीसी सदस्य क्या कर रहे हैं। उन्हें चाहिए कि वह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिलकर ग्रामीणों की दिक्कतों उजागर करें या पत्र लिखते। उनके पास न तो फंड है और न ही समय।
पूर्व सरपंच किशोर कुमार ने कहा कि इस समय केंद्र में भाजपा सरकार का शासन होने पर केंद्र शासित प्रदेश भी। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता अपने संगठन को मजबूत बनाए जाने के लिए वर्चुअल नेटवर्क से चर्चा कर रहे हैं लेकिन कोरोना के चलते लोगों के लिए क्या किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन मजबूत होता रहेगा। लोगों को क्या परेशानियां आ रहीं। इस पर चर्चा कर समाधान किया जाना चाहिए।