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7 नहीं 20,000 वेतन चाहिए, वरना हड़ताल

Sun, 03 Aug 2014 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, किश्तवाड़
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पल्स टू कांट्रैक्चुअल लेक्चरर एसोसिएशन जिला किश्तवाड़ की विशेष बैठक में लेक्चरर्स ने मांगे पूरी ना होने पर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। एसोसिएशन की बैठक में लेक्चरर्स ने साफ किया कि अगर उनका वेतन सात हजार से बीस हजार नहीं किया गया तो वह काम काज ठप करके हड़ताल पर चले जाएंगे।
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लेक्चरर्स की मांग है कि जिन लोगों काम करते हुए सात साल से ज्यादा हो चुके हैं उन्हें परमानेंट किया जाए। एसआरओ 255 को लागू किया जाए। एकेडमिक अरेंजमेंट की जगह उन्हें भी कांट्रेक्चुअल कहा जाए। सात वर्ष के कार्यकाल के बाद एसएसआरबी और पीएससी में स्क्रीनिंग की छूट दी जाए।

इसके अलावा पंद्रह दिनों की कैजुअल लीव देने, पूरे वर्ष का वेतन दिए जाने और सर्दियों का वेतन नहीं काटने की मांग भी उठाई। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों तक उनकी समस्याओं का हल नहीं किया गया तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
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बैठक की अध्यक्षता अमजद हुसैन शेख ने की। स्थानीय डाकबंगला में आयोजित बैठक में तीस से अधिक कांट्रैक्चुअल लेक्चररों ने भाग लेकर उन्हें पेश आ रही कई समस्याओं पर विचार-विमर्श किया और सरकार से लंबित मांगे पूरी करने की अपील की।

इसके अलावा नई इकाई के गठन के लिए पहले एक कनवीनर पद के लिए फयाज अहमद मीर को मनोनीत किया गया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष राजेश, सैफुल्ला भट, वेद राज, रूप सिंह, सुमित शर्मा, अमजद बिचू, इरशाद अहमद लोन, अख्तर हुसैन, अमित कुमार, तोसीफ आदि उपस्थित थे।
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