आतंकी गतिविधियों के समर्थन और हवाला राशि को आतंकियों तक पहुंचाने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की साजिश की जा रही है।
महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ साल से लगातार घटी है। हालांकि हवाला रैकेट में महिलाओं को पकड़ा भी गया है।
आतंकवाद में महिलाओं की भागीदारी को लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। वर्ष 2005 से लेकर 2014 तक महिलाओं की आतंकवाद के समर्थन में काफी भागीदारी रही। डोडा में दो महिलाएं मुठभेड़ में मारी गईं और कश्मीर में भी हवाला राशि समेत कई महिलाओं को पकड़ा गया।