जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस से सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने के बाद मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने जम्मू में शक्ति प्रदर्शन कर पार्टी को मजबूत रखने का संदेश दिया। अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार जम्मू पहुंचे नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, एआईसीसी की जम्मू कश्मीर मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल के साथ कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला का सतवारी एयरपोर्ट से शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय पर रैली की शक्ल में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पाटिल और रसूल के निशाने पर आजाद रहे।
पार्टी मुख्यालय पर पाटिल ने कहा कि गुलाम नबी आजाद के कार्यकाल में पार्टी ने उन्हें सांसद, मंत्री, एलओपी सहित कई बड़े पद दिए, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इस समय पार्टी छोड़ दी। आजाद के समर्थन में जाने वाले नेताओं से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। जम्मू कश्मीर में कांग्रेस मजबूत होकर सामने आएगी। पार्टी अपने सिद्धांतों, नीतियों और कार्यक्रमों पर अडिग है और सांप्रदायिक, विभाजनकारी और गलत के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पिछले आठ साल से पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर हैं। पार्टी के वफादार कार्यकर्ता हर हाल में पार्टी का झंडा ऊंचा रखेंगे। किसी भी दल बदल से पार्टी कमजोर नहीं होगी और मजबूत होकर उभरेगी। पार्टी महंगाई, जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने सहित अन्य मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी ने इस महत्वपूर्ण समय में पार्टी की सेवा करने का मौका देने के लिए अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पाटिल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आजाद को पार्टी ने 45 वर्ष तक सब कुछ दिया, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण समय में पार्टी छोड़ दी। कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि जो लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं वे पिछले आठ वर्षों से पार्टी गतिविधियों से गायब थे, लिहाजा उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस दौरान योगेश साहनी, फ्रंटियल आर्गेनाइजेशन, पीवाईसी, महिला कांग्रेस, सेवा दल, आईएनटीयूसी, डीसीसी प्रधान, पूर्व मंत्री, विधायक आदि नेता वानी से मिले।