उन्होंने कहा कि हमारी जाति इलियास सरूरी है और हमारा मूल आवास सरथल इलाके में है। आतंकवाद के चलते हम किश्तवाड़ में 1992 के बाद अखियारा बाद में आ गए, जो वार्ड 3 में स्थित है। जहांगीर हमारा कोई रिश्तेदार नहीं है, न वह किसी तरह से सरूरी है।
हम कई दशक से आतंकवाद की निंदा करते रहे हैं चाहे वह 2008 और 2014 के दंगे हो, हम इनकी भी एनआईए जांच करवाने की मांग करते हैं। मैं एक धर्मनिरपेक्ष दल का नेता हूं, कई बार विधायक और मंत्री रहा हूं। हमारा आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है।