जम्मू-कश्मीर में अपने नेताओं की सुरक्षा में बड़े पैमाने पर की गई कटौती से कांग्रेस पार्टी नाराज है। राज्य सरकार के फैसले का विरोध करते हुए पार्टी ने कहा कि यह फैसला पूर्वाग्रह के आधार पर किया गया।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे खत में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सुरक्षा में कमी किए जाने से राजनीतिक कार्यकर्ताओं को आतंकियों की ओर से आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे सैकड़ों भाजपा और पीडीपी कार्यकर्ताओं और उनके लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है, जिन्होंने राजनीति में न के बराबर कोई किरदार निभाया है। राज्य में हाल में हुई आतंकी हिंसा का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि कांग्रेस नेताओं से वापस ली गई सुरक्षा फिर से बहाल की जाए।
आजाद ने कहा, हाल में हुई कई बड़ी आतंकी घटनाओं के बाद भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी), जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) और ब्लाक कांग्रेस कमेटी (बीसीसी) से जुड़े लोगों और वाहनों तथा कार्यालयों की सुरक्षा राज्य भर में और खास कर कश्मीर घाटी में बडे़ पैमाने पर वापस ले ली गई।