बस स्टैंड के बाहर आकर रुकने वाली इंटर स्टेट बसें पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई हैं। बसों में बेहोश मिलने वाले यात्रियों ने पुलिस की मुसीबत बढ़ा दी है। दरअसल, पंजाब में जब ये बसें रुकती हैं तो जहरखुरानी गिरोह के लोग इनको अपना शिकार बना देते हैं। बसों में कोई जांच न होने पर जब बसें जम्मू पहुंचती हैं और खाली होने लगती हैं तो इन यात्रियों को बेहोश पाया जाता है।
इनमें से कई की मौत भी हो चुकी होती है। इसलिए अब पुलिस ने ट्रांसपोर्टरों से बात करने की योजना बनाई है। चालकों को बसों में पूरी नजर रखने के लिए कहा जाएगा। पिछले 15 दिनों के भीतर बस स्टैंड क्षेत्र से करीब एक दर्जन लोग बेहोश मिले हैं। इनमें से तीन की मौत भी हुई। बेहोश मिलने वाले अधिकतर यात्री संदिग्ध जहर से बेहोश हुए। एसपी नार्थ शिव देव सिंह चौहान ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों से बात की जाएगी।
इसमें साफ तौर पर निर्देश होंगे कि जब भी कोई बस किसी बाहरी राज्य से जम्मू में प्रवेश करे, तो उसकी पूरी तरह से जांच कर ली जाए। देख लिया जाए कि बस में कोई यात्री बेहोशी की अवस्था में तो नहीं। यदि ऐसा हो तो राज्य में प्रवेश करने से पहले ही उस यात्री को वहां पर उपचार किया जाए। ऐसा होने से कई की जान भी बचेगी और यह पता लगाने में आसानी भी होगी कि बेहोश होने की वजह क्या बनी।
इसमें अगर कोई जहरखुरानी गिरोह काम कर रहा है तो उसको पकड़ने में भी मदद मिलेगी। चालकों को यह भी कहा जाएगा कि यदि किसी यात्री को कठुआ उतरना है तो कठुआ पहुंचने पर कंडक्टर को जांच करनी चाहिए कि जो यात्री कठुआ का है, वह कठुआ क्यों नहीं उतरा। एक-दो दिन में ट्रांसपोर्टरों से पुलिस बैठक करेगी और इसे लेकर बात करेगी।