सरकार ने प्रदेश में कमर्शियल वाहनों के डीलर को पंजीकरण प्राधिकरण बनाया है। कमर्शियल वाहनों में ई-रिक्शा, लग्जरी कैब, मालवाहक गाड़ियां, मैक्सी कैब, मोटर कैब, बस, एम्बुुलेंस सहित अन्य वाहन शामिल हैं जिनका पंजीकरण अब डीलर प्वाइंट पर होगा। सरकार ने इसके लिए डीलर को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया है।
प्रदेश में नॉन कमर्शियल वाहनों के बाद अब कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों का पंजीकरण भी डीलर प्वाइंट पर होगा। नए कमर्शियल वाहन खरीदने वाले लोगों को आरटीओ या एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण के लिए चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। वाहन खरीदते समय डीलर ही पंजीकरण की प्रक्रिया करेगा।
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डीलर प्वाइंट पर आरसी मिलेगी और नंबर प्लेट लगेगा। प्रदेश सरकार के इस फैसले से कमर्शियल वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी और विभाग को भी समय पर इससे राजस्व प्राप्त हो सकेगा। प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष नॉन कमर्शियल वाहनों के पंजीकरण की व्यवस्था डीलर प्वाइंट पर शुरू की थी, जिसके बाद विभाग ने कमर्शियल वाहनों के लिए भी यही व्यवस्था शुरू की है।
हालांकि, कंपनी द्वारा निर्मित बॉडी वाहन का ही डीलर प्वाइंट पर पंजीकरण होगा। जिसकी बॉडी बाद में बनती है उसका रजिस्ट्रेशन कराने के लिए खरीदार को आरटीओ कार्यालय जाना पड़ेगा।
नॉन कमर्शियल के बाद प्रदेश में कमर्शियल वाहनों का पंजीकरण भी डीलर प्वाइंट पर होगा। डीलर को पंजीकरण प्राधिकारण बनाया है। कमर्शियल वाहनों के पंजीकरण में विभाग की जांच प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। यह व्यवस्था अब शुरू हो गई है। -धनंतर सिंह, आरटीओ, जम्मू