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नेशनल गेम्स विजेताओं के साथ कोच को मिलेगी पहचान

Sat, 27 Jun 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले राज्य के धुरंधरों के साथ कोचों को भी पहली बार सम्मानित किया जाएगा। ऐसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कोचों को परशुराम अवार्ड से नवाजा जाएगा। इसमें खिलाड़ियों की तरह कोचों को भी नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसमें जम्मू से दो और कश्मीर से एक कोच का चयन किया गया है।
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जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के मुख्य खेल अधिकारी अब्दुल क्यूम के अनुसार खिलाड़ियों के साथ कोचों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। काउंसिल की ओर से जल्द ही वर्ष 2011 और 2015 के नेशनल गेम्स विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले कोचों में जिमनास्टिक, फेंसिंग और थांगा (मार्शल आर्ट) खेलों से एक-एक कोच लिया गया है। जनवरी 2015 में केरल में हुई नेशनल गेम्स में राज्य ने पंद्रह पदक अपने नाम किए।

इसमें जिमानिस्टक में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य, फेंसिंग में दो कांस्य, बाक्सिंग में तीन कांस्य, वुशू में एक स्वर्ण, एक रजत, दो कांस्य और वाटर स्पोर्ट्स में एक कांस्य पदक हासिल हुआ। वर्ष 2011 की नेशनल गेम्स के मुकाबले इस बार राज्य की झोली में तीन पदकों की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2011 फरवरी में झारखंड में हुए 34वें नेशनल गेम्स में राज्य के खिलाड़ियों ने 12 पदक लाए थे।
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स्वर्ण पदक विजेता को 51000 रुपये
इस बार पुरस्कार राशि को भी दोगुना किया गया है। इसमें स्वर्ण पदक विजेता को 51000, रजत पदक विजेता को 31000 और कांस्य पदक विजेता को 21000 रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

दूसरे राज्यों से अभी भी बहुत पीछे
राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने पर पुरस्कार राशि में राज्य दूसरे राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। खेलों में अग्रणी कई राज्यों में नेशनल पदक विजेताओं में स्वर्ण पदक पर पांच लाख, रजत पर तीन लाख और कांस्य पर दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसमें केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, मणिपुर आदि राज्यों ने प्रोत्साहन के साथ खेल ढांचे को भी विकसित करने में काम किया है।
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