एनसीसी कैडेट से मिलतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
पाकिस्तान और अफगानिस्तान सहित कई अन्य मुस्लिम मुल्कों में हिंसा से जो हालात बने हैं और जिस पैमाने पर नुकसान पहुंचा उस पर हमें सोचना होगा। स्कूल-अस्पताल तक बंद हो गए।
जम्मू-कश्मीर में ऐसे हालात हरगिज नहीं बनने दिए जाएंगे। हमारी मजहबी और सांस्कृतिक परंपराएं विशेष और अलग हैं जो किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमें शक्ति प्रदान करती हैं।
शनिवार शाम जैकएलाई रेजिमेंटल सेंटर में एनसीसी के स्पेशल नेशनल इंटिग्रेशन कैंप-2016 में एनसीसी कैडेटों से मुखातिब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, युवाओं को उठाना होगा अमन बहाली का बीड़ा
एनसीसी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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उन्होंने कहा कि मै जम्मू में थी। शुक्रवार को बिजबिहाड़ा आतंकी हमले में शहीद हुए बीएसएफ के जवानों को श्रद्धांजलि देने जा ही रही थी कि अनंतनाग में एएसआई बशीर अहमद और सिपाही रियाज अहमद के आतंकी हमले में शहीद होने की सूचना ने हिला कर रख दिया। महबूबा ने कहा यह पिछले दो दशकों से कश्मीर में जो त्रासदियां हुईं हैं यह हमले उनमें केवल इजाफा ही कर रहे हैं।
ऐसे हालात में युवाओं को ही अमन के सपने को साकार करने के लिए जिम्मा लेना होगा। युवा अच्छे और बुरे दोनों तरह के प्रभावों की जद में आ सकते हैं। पर वर्तमान युग में सूचना और तकनीक के बूते युवा अपने लिए अच्छे मार्ग का चुनाव ज्यादा आसानी से कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रियासत ने दशकों से बुरा दौर देखा है, पर युवाओं ने इसके बावजूद हिम्मत नहीं खोई। यहां पर बड़ी तादाद में प्रतिभाशाली युवा हैं। आईआईटी और आईआईएम सहित आईएएस, आईपीएस और आईएफएस की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में रियासत के युवा शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा कि तेजी से बदल रही बाहरी दुनिया में युवा बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।
एनसीसी को महत्वपूर्ण संस्थान करार देते हुए महबूबा ने कहा कि देश भर से युवाओं को देश के भावी नेतृत्व के रूप में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं की सराहना की और कैडेटों के पास जाकर सीधा संवाद भी किया। स्पेशल नेशनल इंटिग्रेशन कैंप में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 400 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं।