लाटी तहसील अंतर्गत चकूड नाले के पास शुक्रवार की रात बादल फट गया। हालांकि, इससे जानी नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन पुंडल नाले पर बने दो लकड़ी के पुल बह गए। किसानों की जमीन, फलों के बाग, तीन घराट और पीएचई विभाग के पाइप तहस नहस हो गए। नायब तहसीलदार अशोक गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार रात को बादल फटने से 40 परिवारों की जमीन बह गई हैं। बादल फटने से सारा पानी रात को ही तीन नालों में इकट्ठा हो गया।
इससे नाले का मलबा सड़कों तक पहुंच गया। लट्ठे नाले से पानी कुंड, पुंडल के नालों के जरिए लाटी को जोड़ने वाली सड़क पर आ गया। इससे लाटी मार्ग शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक बंद रहा। बादल फटने के बाद करीब 40 परिवारों की काफी जमीन बह गई। इससे मक्की की फसल, सब्जियां, फलों के पेड़ इसकी चपेट में आ गए। लाटी के सरपंच अख्तर हुसैन ने कहा कि बादल फटने से किसानों की कमर टूट गई है। उनकी फसल और जमीन तबाह हो चुकी है। इसका तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए।