अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर के मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। लगातार चौथे दिन शनिवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। कटड़ा में खराब मौसम के कारण कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा प्रभावित रही। कश्मीर के मौसम में ठंडक कायम है। जम्मू संभाग के भी अधिकतर हिस्सों में तपिश से राहत है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार रविवार को मौसम लगभग साफ रहेगा, लेकिन 25 और 26 अप्रैल को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने अगले चौबीस घंटे में प्रदेश के छह जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।
कश्मीर के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। यहां अधिकतर जिलों में दिन का पारा सामान्य से 6 से 9 डिग्री नीचे चल रहा है। राजधानी श्रीनगर में दिन का तापमान सामान्य से 8.1 डिग्री गिरकर 14.2, पहलगाम में सामान्य से 7.6 डिग्री गिरकर 11.7 और गुलमर्ग में सामान्य से 7.0 डिग्री गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम का न्यूनतम तापमान माइनस 1.7 और गुलमर्ग का माइनस 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटड़ा में दोपहर बाद तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। यहां दिन का पारा सामान्य से 4.0 डिग्री गिरकर 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला उधमपुर में भी दोपहर बाद सवा घंटा तेज बारिश हुई, जिससे कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। जम्मू में दोपहर तक हल्की धूप खिली रही, लेकिन शाम को अचानक काली घटाएं छा गईं। रात तक मौसम सुहावना बना हुआ था। यहां दिन का तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री गिरकर 30.1 और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में दिन का तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री गिरकर 15.6, बटोत में सामान्य से 8.5 डिग्री गिरकर 15.2, भद्रवाह में सामान्य से 12.1 डिग्री गिरकर 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह का न्यूनतम तापमान माइनस 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
लोगों को हिमस्खलन प्रभावित इलाकों में नहीं जाने की सलाह
जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने अगले चौबीस घंटे में प्रदेश के छह जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसमें डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन, गांदरबल और कुपवाड़ा जिले में समुद्र तल से 2500 से 3200 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में निम्न खतरे वाले हिमस्खलन की आशंका बनी है। इन इलाकों में लोगों को आवाजाही न करने की सलाह दी गई है। गुलमर्ग में गत फरवरी में हिमस्खलन की चपेट में आने से दो विदेशी यात्रियों की मौत हो गई थी। इस दौरान 19 पर्यटकों और दो स्थानीय गाइड को रेस्क्यू किया गया था।