जम्मू। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने कहा है कि 370 पर तैयार किया गया विधेयक कानून की किसी भी चुनौती के बावजूद टिका रहेगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की पहली वर्षगांठ पर जारी एक वीडियो में संगीता ने कहा-एक साल पूर्व मैने अपने पति को लगातार जम्मू-कश्मीर संविधान को पढ़ते हुए देखा था। उनसे पूछा गया तो वे बोले थे, पढ़ने से नए पहलुओं पर समझ बढ़ती है। संगीता ने कहा, हालांकि उन्हें यह नहीं पता था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उनके पति मिलकर जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित प्रावधानों को हटाने जा रहे हैं। वह यभी नहीं जानती थीं कि इससे संबंधित विधेयक तैयार करने की जिम्मेवारी उनके पति को दी गई है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पांच मिनट के वीडियो संदेश में संगीता ने कहा कि एक साल बाद वह देख रही हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के सबसे लंबी अवधि तक वित्त मंत्री रहे गिरधारी लाल डोगरा की बेटी संगीता ने कहा कि गृह मंत्री ने उस विधेयक को जमीन पर उतारकर पूर्ववर्ती राज्य को लाभान्वित किया है। कहा कि आने वाले समय में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। संगीता ने कहा कि उनके पिता गिरधारी लाल डोगरा ने केके बिड़ला को कठुआ जिले में चिनाब टेक्सटाइल कारखाना लगाने को प्रेरित किया था, लेकिन 370 और 35-ए की वजह से इसके बाद बड़े उद्योग और चार व पांच सितारा होटल नहीं खुले। अब आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान खुलने से जम्मू शिक्षा का नया केंद्र बन रहा है। संगीता ने कहा कि अरुण जीवित होते तो वे वित्त सेवाएं कॉलेज भी खुलवाते। अरुण जेटली का 24 अगस्त को निधन हो गया था।