जम्मू। पदोन्नति के लिए डीपीसी न होने से गुस्साए जलशक्ति विभाग के स्थायी कर्मचारियों ने मंगलवार को मुख्य अभियंता कार्यालय के दरवाजे पर ताला लगा दिया। इसके बाद करीब ढाई घंटे तक दरवाजे के बाहर प्रदर्शन करते रहे।
पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट (स्थायी) के तत्वावधान में कर्मचारियों ने सुबह 11:15 बजे प्रदर्शन शुरू किया। करीब 11:30 बजे वह मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे और दरवाजे पर ताला लगा दिया। इसके बाद प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें हल नहीं हो रही हैं। उन्हें बार-बार नोटिस देना पड़ रहा है। लेकिन अधिकारी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीर नहीं हो रहे हैं। आखिर में यह कदम उठाना पड़ा।
अब 15 दिनों के अंदर मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो हड़ताल शुरू करेंगे। इस दौरान कामकाज बंद रखेंगे। मुख्य अभियंता कार्यालय के दरवाजे पर लगाया गया ताला दो बजे खोला गया। इसके बाद कर्मचारियों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य अभियंता को सौंपा है। उधर, अस्थायी कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन में जम्मू संभाग से कर्मचारी शामिल हुए।
पहले तीन साल तक करवाया इंतजार, अब फिर से मिल रहे आश्वासन
फ्रंट के पदाधिकारी राजेश कुमार, करतार चंद, राजेश जमवाल और अन्य ने कहा कि अभी तक पदोन्नति के लिए डीपीसी नहीं हो पाई है। पहले मुख्य अभियंता ने तीन साल तक इंतजार करवाया। अब तीन माह से फिर से आश्वासन मिल रहे हैं। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। लंबे समय से कर्मचारी डीपीसी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआरओ 43 को लागू किया जाए। ऐसे कर्मचारी जिनकी ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है, उनके परिजनों को अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है।
चार डिवीजन के कर्मी दस माह से बिना वेतन कर रहे काम
अब नगर निगम के अधीन चार डिवीजन आए हैं। इन कर्मचारियों को दस माह से वेतन ही नहीं मिल पाया है। बिना वेतन काम करना पड़ रहा है। नगर निगम के अधीन डिवीजन करने से पहले प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। प्रदर्शन करते छह माह से ज्यादा का समय हो गया है। प्रदर्शन में जम्मू संभाग से लगभग दो सौ से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है।
अस्थायी कर्मियों ने नियमित करने, मानदेय के लिए किया प्रदर्शन
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने बीसी रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। पदाधिकारियों का कहना है कि 22 दिसंबर को डिवकॉम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। अभी तक सेवा रिकार्ड जमा नहीं हो पाया है। ऐसे में कमेटी का गठन नहीं हुआ है। पदाधिकारी रवि हंस ने कहा कि कर्मचारियों को नियमित किया जाए। रुका हुआ मानदेय जारी किया जाए। साथ ही मानदेय में यूटी की तर्ज पर बढ़ोतरी की जाए। ब्यूरो