वहीं श्री अमरनाथ जी यात्रा वेलफेयर सोसायटी के राष्ट्रीय महामंत्री राजू चंदेल ने कहा कि मोदी सरकार का नागरिक संशोधन अधिनियम देशहित में है। बस जरूरत भ्रम दूर करने की है। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग इस मामले में भ्रम की स्थिति पैदा कर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू पहुंचे चंदेल ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में देश भर में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जानकारी की कमी से अधिनियम को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। इस पर जागरूक होने की जरूरत है। इससे कोई नुकसान होने वाला नहीं है। देश के सभी नागरिक हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
इसके साथ ही नेशनल सिख फ्रंट (एनएसएफ) ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम से अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए देशभर में विद्यार्थियों का इस्तेमाल कर उनसे प्रदर्शन कराया जा रहा है। कानून के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
एनएसएफ के चेयरमैन वरींद्रजीत सिंह ने कहा कि हम इस अधिनियम के पक्ष में हैं। इससे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से भारत आए सिखों को इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को बहकाया जा रहा है कि अल्पसंख्यकों को इससे नुकसान होगा लेकिन ये अधिनियम अल्पसंख्यकों के हित में है।
इस अधिनियम के विरोध में पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार हर स्तर पर फेल हो चुकी है। नागरिक संशोधन विधेयक के फैसले के बाद लोगों ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया है। लोगों की उम्मीदों पर भाजपा खरी नहीं उतर पाई है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था प्रदेश में बिगड़ती जा रही है। अब अन्य राज्यों में भी विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए हैं। भाजपा को लेकर फैसले को लेकर घेर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी प्रदर्शन जारी है।
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के लिए न्यू प्लाट से रैली निकालकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष सुनील डिंपल ने कहा कि मूवमेंट नागरिक संशोधन एक्ट के लागू करने के फैसले का स्वागत करती है। बाहरी देशों में रह रहे लोगों को भी वापस देश में लाया जाए। लोग भारत में रहना पसंद करते हैं। इसके अलावा अवैध रूप से रहे रहे रोहिंग्याओं को बाहर किया जाए।
उन्होंने कहा कि इनकी संलिप्ता आपराधिक मामलों में भी पाई गई हैं। जम्मू में अवैध रूप से ज्यादा संख्या में रोहिंग्या, बंगलादेशी और अन्य पड़ोसी देशों से लोग रह रहे हैं। पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। देश की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट सेवाएं लंबे समय से बंद हैं। जल्द से जल्द बहाल किया जाए।