जम्मू। जम्मू एयरपोर्ट से देश के संक्रमित राज्यों से आ रहे यात्रियों ने स्वास्थ्य विभाग की कसरत बढ़ा दी है। इनमें कई सक्रिय मामले जम्मू पहुंचकर लापता हो गए। इनकी तलाश के लिए स्वास्थ्य विभाग सीआईडी विंग की मदद ले रहा है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में स्टेट सर्विलांस अधिकारियों से संपर्क बढ़ाया गया है।
बीती 22 फरवरी को मुंबई से एक संक्रमित पुरुष यात्री जम्मू एयरपोर्ट पहुंचा। मुंबई स्टेट सर्विलांस अधिकारी ने आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट में उस यात्री के संक्रमित होने की सूचना दी गई। लेकिन संबंधित व्यक्ति का फोन बंद आने से उसकी तलाश नहीं हो पाई। इस मामले को स्वास्थ्य विभाग ने सीआईडी विंग को सौंप दिया। यात्री की फोन लोकेशन के हिसाब से उससे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। इसी तरह मुंबई से एक अन्य संक्रमित व्यक्ति एयरपोर्ट पहुंचकर सड़क मार्ग से चंडीगढ़ पहुंच गया, लेकिन उसका फोन बंद न होने के कारण उसे आइसोलेट के लिए सूचित किया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जम्मू ने चंडीगढ़ के स्टेट सर्विलांस अधिकारी को जानकारी मुहैया करवाई। जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से कोविड संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले यात्री संक्रमित मिल रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि बाहर से आ रहे यात्रियों की सेहत पर खास नजर रखी जा रही है।
एंड्रॉयड एप से पंजीकृत होंगे आम लोग
जम्मू। स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण और अन्य दूसरे अधिकारियों की केंद्रीय अधिकारियों के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में मार्च में शुरू हो रहे कोविड वैक्सीन (टीकाकरण) के तीसरे चरण के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान ने बताया कि आम लोगों को सार्वजनिक तौर पर एंड्रॉयड कोविड 2.0 एप उपलब्ध करवाई जाएगी। यहां वह खुद को पंजीकृत करेंगे। जम्मू-कश्मीर में अनुमानित 10 से 12 फीसदी आबादी 50 साल के ऊपर वाले लोगों की है। एप में उपलब्ध जानकारी के आधार पर सबसे पहले 60 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। इसके बाद 50 साल से ऊपर वाले वर्ग को लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने वैक्सीन के लिए सरकारी अस्पतालों और निजी चिकित्सा संस्थानों का विकल्प दिया है। हालांकि, निजी संस्थानों में वैक्सीन की दर क्या होगी, इस पर अभी चर्चा हो रही है। आम लोगों में वैक्सीन को लेकर चिकित्सा केंद्रों का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब तक सीएचसी स्तर पर वैक्सीन हो रही है, लेकिन भविष्य में इसे सब सेंटर तक शुरू किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि सब सेंटर किस वैक्सीन बिंदु के साथ लिंक है। मार्च में शुरू हो रही वैक्सीन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कार्य योजना बना ली है।