भारत चीन के बीच लद्दाख में यहीं हुई थी हिंसक झड़प
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पूर्वी लद्दाख में डेढ़ महीने से ज्यादा से जारी तनातनी के बीच चीन ने गलवां घाटी के अग्रिम मोर्चे पर तैनात अपने कुछ सैनिकों और सैन्य वाहनों को पीछे हटाया है। इस बीच, भारतीय ने एक बार फिर सीमा विवाद और खूनी झड़प के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, चीन मई की शुरुआत से ही एलएसी पर बड़े पैमाने पर सैनिक और सैन्य साजो-समान जुटा रहा था।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक 22 जून को सेना की 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की सेना के समकक्ष अधिकारी की चुशुल सेक्टर के सामने मोल्डो में हुई बैठक में तनाव घटाने के लिए सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति बनी थी। चीन ने जहां से अपने सैनिक हटाए हैं वहीं, 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी। बैठक में दोनों देश गलवां घाटी, हॉट स्प्रिंग और पैंगोंग त्सो झील से पीछे हटने पर राजी हुए थे। चीन ने विवादित क्षेत्र से सैनिक और वाहन हटाकर गलवां घाटी के गहराई वाले इलाके में ले जाने का आश्वासन दिया था।
नापाक हरकत : चीनी ड्रोन कर रहे भारतीय इलाकों की निगरानी
सीमा विवाद के निपटारे के लिए बातचीत के बावजूद ड्रैगन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब उसने डेपसांग के वाई जंक्शन पर जमावड़ा कर भारत की सैन्य गश्त पर अंकुश लगाने की चाल चली है। वहीं, चीन अपने सामरिक ड्रोन से लगातार भारतीय हिस्सों की निगरानी कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में चीन के ड्रोन कम से कम चार भारतीय इलाकों में देखे गए हैं।
भारत-चीन विवाद गंभीर और चिंताजनक : ब्रिटेन
लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। हाउस ऑफ कामंस में भारत-चीन विवाद के ब्रिटेन पर होने वाले असर को लेकर पूछे सवाल का जवाब देते हुए जॉनसन ने कहा, हम हालात पर करीबी नजर रखे है। मैं जो सबसे सही बात कह सकता हूं वह यह है कि दोनों पक्ष बातचीत से विवाद सुलझाने पर आगे बढ़ें।
दिल्ली के होटलों में न चीनी सामान न चीनी लोगों को कमरा
दिल्ली होटल व रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन ने चीनी सामानों के बहिष्कार का फैसला किया है। इसके साथ ही अब चीनी नागरिकों को इन होटलों में रुकने के लिए कमरे भी नहीं दिए मिलेंगे। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के चीनी उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान एसोसिएशन ने यह फैसला किया है। संगठन ने कहा, चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए हम किसी चीनी नागरिक को रुकने के लिए कमरा नहीं देंगे।