चीन ने सीमा के दूसरी ओर होतान और गार गुंसा समेत कई हवाई बेस पर भी तैनाती बढ़ा दी है। चीन ने रणनीतिक रूप से बम बरसाने वाले विमान और जंगी जहाजों की तैनाती की है। इनमें रूस में बने सुखोई-30 समेत कई लड़ाकू विमान शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, चीन ने रूस से हासिल किए गए दूर तक मार करने वाली एयर डिफेंस सिस्टम को भी भारतीय इलाके के दूसरी ओर अपनी सीमा में तैनात कर दिए हैं।
चीन की फिर सीनाजोरी: गलवां झड़प के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार
चीन ने फिर गलवां घाटी में हुई झड़प के लिए भारत को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता कायम रहेगी। सीमा पर भारत ने एकतरफा कार्रवाई की जिससे हिंसा हुई। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, भारत ने दोनों देशों के बीच समझौते का उल्लंघन किया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल मानदंडों का पालन नहीं किया। यह बेहद गंभीर है।
कूटनीति स्तर की बातचीत में एलएसी का सम्मान करने पर जोर: भारतीय विदेश मंत्रालय
भारत और चीन के बीच बुधवार को कूटनीतिक स्तर की बातचीत में वास्तविक नियंत्रण रेखा का कड़ाई से सम्मान और निगरानी पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों ही देशों ने तनाव कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के पूर्व एशिया के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और चीन विदेश मंत्रालय के महानिदेशक वू जियांगहो ने इस वार्ता में हिस्सा लिया।