अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सड़क दुर्घटनाओं में मृतक व घायलों के आश्रितों, परिजनों, रिश्तेदारों या कानूनी उत्तराधिकारियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए सड़क दुर्घटना पीड़ित निधि के उपयुक्त कार्यान्वयन पर जोर दिया। इसके तहत मृत्यु पर 100000, स्थायी विकलांगता पर 75000, गंभीर चोट 50000 और परिजनों या पीड़ितों को मामूली चोट के मामले में 10000 रुपये की राहत राशि दी जाएगी। मुख्य सचिव ने वीरवार को अधिकारियों के साथ यूटी में यातायात की संबद्ध गतिविधियों के साथ परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन क्षेत्र को प्रगतिशील बनाने के लिए देश के अन्य क्षेत्रों में अपनाए उपाय अधिकतम उपयोग में लाए जाएं। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे पर काम किया जाए। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और वाहनों की फिटनेस में त्रुटिहीन परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी अहम भूमिका निभा रही है। सड़कों पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने को सुनिश्चित करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी है, जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य स्मार्ट समाधानों के हस्तक्षेप से समान रूप से ध्यान रखा जा सकता है।
सचिव परिवहन नीरज कुमार ने बताया कि मोटर वाहन विभाग द्वारा लगभग 53 डिजिटल सेवाओं की पेशकश के साथ यहां ड्राइविंग और वाहन संचालन दोनों से संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। विभाग ने पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस लेनदेन को प्रोत्साहित किया है। जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम (जेकेआरटीसी) के कामकाज पर बताया गया कि बस बेड़े के संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) पोर्टल का कार्यान्वयन शुरू किया गया है। पोर्टल सात मॉड्यूल प्रदान करता है। यात्रियों की सुविधा के लिए एंड्रॉइड और आईओएस के लिए मोबाइल एप भी विकसित किया गया है, जिसमें यात्री किसी भी सुविधाजनक क्षेत्र से टिकट बुक कर सकते हैं। एनआईसी द्वारा एप को गूगल प्ले-स्टोर और एप्पल स्टोर पर होस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है जो जल्द पूरी हो जाएगी।
विभाग के भविष्य के रोडमैप के बारे में बताया कि सांबा में इंस्टीट्यूट फॉर ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) का संचालन, क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों (आरडीटीसी) की स्थापना, स्वचालित परीक्षण स्टेशनों (एटीएस) की स्थापना, अनुकूलन आईआरएडी पर काम किया गया है। विभाग दुर्घटना पीड़ितों के दावों के कुशल प्रसंस्करण के लिए डेटा संग्रह को ईडीएआर लॉंच करने की इच्छा रखता है। पीएसजीए के दिशा निर्देशों के अनुसार ऑटो अनुमोदन पर विभाग विचार कर रहा है। असम और आंध्र प्रदेश की तरह प्रक्रिया को कागज रहित बनाकर ड्राइवरों के लाइसेंस/पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने में बेहतर गुणवत्ता पर काम किया जा रहा है।