बजट में जम्मू संभाग के लिए ये रहे अहम फैसले
- जीएमसी कठुआ में वर्ष 2026-27 में अत्याधुनिक पेट- स्कैन मशीन लगाई जाएगी।
- जीएमसी जम्मू में तीन टेस्ला और नए जीएमसी में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें लगेंगी।
- एसएमजीएस जम्मू और सीडी अस्पताल और पुंछ जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होगी।
- जीडीसी ककरयाल, चिनैनी और जम्मू आर्किटेक्चर कॉलेज की इमारतें 2026-27 में बनकर तैयार होंगी।
- जीडीसी दरहल और मजालता का निर्माण कार्य होगा।
- कुंजवानी, मंडी, बसंतगढ़, मढ़ीन, रामकोट और बटोत डिग्री कॉलेजों के प्रोजेक्ट्स में तेजी लाई जाएगी।
- उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जम्मू संभाग में 4 रिसर्च हब स्थापित होंगे।
- प्रवासी मजदूरों के लिए राजोरी और नौशेरा में नई लेबर सराय बनेंगी। कठुआ सराय को अपग्रेड किया जाएगा।
- कश्मीरी विस्थापितों के लिए जगती टाउनशिप में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल बनेगा।
- स्काॅस्ट जम्मू में ‘एक्स-सीटू जीन बैंक’ स्थापित जो भारत में अपनी तरह का तीसरा संस्थान है।
- बनी-बसोहली में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा।
कश्मीर पर्यटन और स्वास्थ्य पर फोकस
कश्मीर को भी जम्मू की तरह कई साैगात मिली हैं। पर्यटन, स्वास्थ्य, खेल समेत एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट मिले हैं। अवंतीपोरा एम्स को जून तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है वहीं, पीईटी मशीन से लेकर कैथ लैब, डेंटल मोबाइल केयर यूनिट तक के लिए प्रावधान किया गया है।
सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों की दुश्वारियों के मद्देनजर उड़ी में इमरजेंसी मेडिकल अस्पताल की स्थापना प्रस्तावित है। इसमें 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं, ट्रॉमा केयर उपलब्ध रहेगी। वहीं, तंगधार के लिए बुलेटप्रूफ एंबुलेंस की खरीद का प्रस्ताव किया गया है। जीएमसी श्रीनगर में पीईटी स्कैन की होगी सुविधा। जीएमसी श्रीनगर में रोबोटिक सर्जरी होगी तो वहीं, स्किम्स शौरा में कैंसर दूर करने के लिए रिसर्च की शुरुआत की जाएगी। जीएमसी बारामुला समेत अनंतनाग को कैथ लैब मिलेगी। जीएमसी अनंतनाग में ही 249 बेड के मातृ एवं शिशु देखभाल का निर्माण होगा। लालदेद अस्पताल में आईवीएफ सुविधा शुरू किए जाने के साथ ही निकू वार्ड भी खोला जाएगा। 118 करोड़ से एक्सटेंशन ब्लॉक का भी निर्माण होगा।
पर्यटकों के लिए यह सुविधा होगी :
वुलर झील आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए 25 करोड़ का आवंटन हुआ है। इससे इकोलॉजिकल पार्क, पैदल मार्ग, साइक्लिंग ट्रैक, मनोरंजन स्थल आदि बनेंगे।
बागवानों की बेहतरी पर नजर :
कश्मीर संभाग में पुनर्गठित मौसम आधारित बीमा योजना के तहत सेब, केसर आदि के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन । इसके साथ ही अनंतनाग के लेहवान में फल नर्सरी की स्थापना की जाएगी।