फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: जम्मू कश्मीर को देश से अलग करने की साजिश रच रहा था तालिब हुसैन शाह

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। रियासी के माहौर से गिरफ्तार आतंकी तालिब हुसैन शाह के मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने चार्जशीट पेश कर दी है। यह चार्जशीट तालिब समेत लश्कर ए तैइबा के 4 आतंकियों के खिलाफ है। चार्जशीट में बताया गया कि आतंकी तालिब हुसैन को जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों और महत्वपूर्ण स्थलों पर हमले करने के निर्देश मिले थे, ताकि ये लोग जम्मू कश्मीर को देश से अलग करने के उद्देश्य को पूरा कर सकें।
विज्ञापन

अन्य तीन आतंकियों में मोहम्मद कासिम और जिया उर रहमान शामिल हैं, जो इस समय पाकिस्तान में हैं। दोनों मूल रूप से जम्मू कश्मीर के ही रहने वाले हैं। ये कुछ समय पहले पाकिस्तान चले गए थे और इस समय वहां रहकर जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं। इन दोनों ने ही तालिब से संपर्क किया था। तालिब इनके कहने पर हर चिनाब घाटी और पीर पंजाल में युवाओं को आतंकवाद में शामिल कराने के लिए काम कर रहा था। साथ ही वह आतंकी वारदातों को अंजाम देने में लगा हुआ था।
एसआईए ने चार्जशीट में बताया कि ये दोनों पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार, गोला बारूद भेजते थे। इसे तालिब हुसैन और उसके साथी रिसीव करते थे। तालिब ने पाकिस्तानी हैंडलरों के कहने पर कई युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल करवाया। इसकी मदद से इसने चिनाब घाटी और पीर पंजाल में आतंकवाद को दोबारा जिंदा किया। यहीं नहीं आतंकी तालिब हुसैन और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी लक्षित हत्याओं में भी शामिल हैं। लोगों के बीच डर पैदा करने और भड़काने का काम भी कर रहा था। एसआईए का कहना है कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। मामले की जांच अब भी जारी है।
विज्ञापन

पांच मामलों में शामिल था तालिब
बता दें कि तालिब हुसैन शाह राजोरी के कोटरंका दराज गांव का रहने वाला है। इसे जुलाई 2022 में माहौर पुलिस ने एक अन्य आतंकी फैजल अहमद निवासी पुलवामा के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त इसके पास हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ था। इसके बाद यह मामला एसआईए को ट्रांसफर हो गया। एसआईए ने जांच में पाया कि तालिब हुसैन ड्रोन से हथियारों की तस्करी के पांच मामलों में संलिप्त है। तालिब ने कश्मीर से राजोरी पहुंचें दो आतंकी दलों को भी रिसीव किया था। इन दोनों दलों को तालिब के सहयोगी मोहम्मद शब्बीर निवासी दराज कोटरंका राजोरी ने लाया था। तरगैन हत्या मामले, कोटरंका ग्रेनेड धमाका, रंजीत सिंह पर गोली चलाने, अनस झुग्गी ग्रेेनेड हमला और शाहपुर ग्रेनेड हमला तालिब ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें